
देवघर : जिले में एक बार फिर प्रशासनिक सुस्ती और मिलीभगत पर सवाल उठने लगे हैं। जिले के अंधरीगादर पंचायत में सरकारी जमीन पर खुलेआम अतिक्रमण कर पक्का मकान बनाए जाने का मामला सुर्खियों में है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि देवघर के अंचल अधिकारी (CO) ने अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन वह सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया। मौके पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पूरे मामले का खुलासा पूर्व विधायक नारायण दास ने किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
नारायण दास ने आरोप लगाया है कि प्रशासन और पुलिस पर कुछ सफेदपोश नेताओं का दबाव है, जिसके कारण अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बालेश्वर राउत के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किसके इशारे पर CO और पुलिस कार्रवाई से पीछे हट रहे हैं। पूर्व विधायक ने सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
वहीं, गांव के लोगों का कहना है कि सरकारी बांध पर अवैध कब्जे से जल निकासी बाधित होगी, जिससे आने वाले समय में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। अब देखने वाली बात होगी कि पूर्व विधायक के पत्राचार के बाद देवघर प्रशासन हरकत में आता है या नहीं, या फिर CO का आदेश एक बार फिर ‘कागज़ का ठेंगा’ बनकर रह जाएगा।

