धनबाद। हजारीबाग प्रमंडलीय आयुक्त पवन कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को धनबाद समाहरणालय सभागार में एक दिवसीय राजस्व कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें उपायुक्त आदित्य रंजन समेत जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मी शामिल हुए।
कार्यशाला में आयुक्त ने स्वीकार किया कि जिले में बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामले लंबित हैं। उन्होंने दोहरी जमाबंदी और गैर-मजरूआ जमीन की रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन को गंभीर चिंता का विषय बताया। आयुक्त ने कहा कि भूमाफिया तंत्र पर हावी हैं और अंचल कार्यालयों की लापरवाही से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में गड़बड़ियां हो रही हैं।
आयुक्त पवन कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन म्यूटेशन मामलों में कोई आपत्ति नहीं है, उनका 30 दिनों के भीतर अनिवार्य निष्पादन किया जाए। साथ ही उन्होंने राजस्व कानूनों की सही जानकारी के अभाव में हो रही त्रुटियों पर नाराजगी जताई।
कार्यशाला में सीएनटी एक्ट, रेवेन्यू एक्ट, वन कानून, लैंड सीलिंग, खासमहल भूमि, वाटर बॉडीज एक्ट, खतियान, रजिस्टर-2 और परिशोधन पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इससे पूर्व सर्किट हाउस पहुंचने पर आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

