रांची । झारखंड की बहुप्रतीक्षित सिकनी कोयला परियोजना एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रही है। लंबे समय से अटकी यह परियोजना अब अंतिम चरण में है और इस महीने के अंत तक खनन कार्य शुरू होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
दूसरे चरण के तहत कुल 410 एकड़ क्षेत्र में से 133.7 एकड़ जमीन झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (JSMDC) को आवंटित की गई है। पिछली बार खनन पट्टे से जुड़े विवाद और प्रशासनिक अनुपालनों की वजह से परियोजना ठप पड़ गई थी, लेकिन अब निगम ने सभी बाधाओं को दूर कर दिया है।
◼ एजेंसी चयनित, जल्द उतरेगी मशीनरी
खनन कार्य के लिए एजेंसी का चयन हो चुका है। निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे तुरंत साइट पर पहुंचकर उत्पादन शुरू करें। निगम ने खदानों के अंदर जरूरी तैयारी पूरी कर ली है।
◼ राज्य को लगभग 250 करोड़ रुपये का लाभ संभावित
स्रोतों के अनुसार, सिकनी परियोजना शुरू होने से राज्य सरकार के राजस्व में खासा इजाफा होगा। अनुमान है कि सालाना करीब 250 करोड़ रुपये तक की आमदनी हो सकती है। यह क्षेत्रीय विकास और खनन से जुड़े रास्तों के निर्माण में भी सहायक होगा।
◼ सुगिया खदान में देरी पर लगा था जुर्माना
जेएसएमडीसी के सुगिया खदान का संचालन समय पर प्रारंभ नहीं हो पाने के कारण केंद्र सरकार ने निगम पर जुर्माना लगाया था। विशेषज्ञों के अनुसार यह झारखंड की खदानों में आम समस्या है, क्योंकि राज्य में चल रही लगभग पांच दर्जन खदानों को समय-समय पर ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
◼ खनन शुरू होने से स्थानीय स्तर पर भी बढ़ेगी
गतिविधियांपरियोजना शुरू होने के बाद रोजगार, परिवहन और बाजार गतिविधियों में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को भी कोयला उत्पादन से सीधे और परोक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।


