कतरास: छात्रवृत्ति दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। कतरास कॉलेज की छात्रा कविता कुमारी ने फैजल इकबाल नामक एक व्यक्ति पर शिक्षक बनकर ठगी करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर छात्रा ने कतरास थाने में लिखित शिकायत देकर ठगी करने वाले के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
दी गई शिकायत में छात्रा ने लिखा है कि मैं कविता कुमारी पिता फागु किसको पता रायगंज जिला धनबाद के निवासी हूं। मैं अनुसूचित जनजाति एसटी वर्ग से आती हूं तथा कतरास कॉलेज कतरासगढ़ की नियमित छात्रा हूँ। आगे उन्होंने बताया कि फैजल इकबाल पिता मोहम्मद मुमताज अंसारी पता कतरास मोबाइल नंबर टेस्ट ने स्वयं को कॉलेज का शिक्षक बनकर मुझसे संपर्क किया और कहा कि वो मेरा छात्रवृत्ति का राशि तुंरत दिलवा देगा।
उक्त व्यक्ति ने मुझसे 5 हजार की राशि ठग ली जबकि मुझे छात्रवृत्ति की राशि नही मिली है। छात्रा ने बताया कि मेरी छात्रवृत्ति की राशि पहले ही जारी हो चुकी थी, पासबुक अपडेट नहीं होने के कारण मुझे इसकी जानकारी नहीं हो पाई। इस प्रकार जानबूझकर मुझे गुमराह करके मुझसे ठगी कर लिया गया। उन्होंने ठगी के प्रमाण के रूप में यूपीआई भुगतान एवं अन्य प्रमाण भी उपलब्ध कराने का दावा किया है।
आरोपी एनएसयूआई कार्यकर्ता है, छात्रा के साथ ठगी गलत है, कार्रवाई होना चाहिए- शुभम हजारी
इस संबंध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता शुभम हजारी ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। इसकी जांच पड़ताल कर प्रशासन को इस व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। शुभम ने कहा कि उक्त व्यक्ति का एनएसयूआई छात्र संगठन से संबंध है। वह स्वयं को एनएसयूआई का कार्यकर्ता बताता है। एक जिम्मेदार छात्र संगठन से जुड़े होने के बावजूद किसी छात्र का मानसिक उत्पीड़न करना एवं उसकी आर्थिक दोहन करना हर प्रकार से गलत है। यह घटना न केवल छात्र-छात्राओं के विश्वास पर गहरा आघात करता है बल्कि छात्र राजनीति की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।
फैजल इकबाल पहले एनएसयूआई संगठन में था, अब नही है- आकाश प्रमाणिक
एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश सचिव आकाश प्रमाणिक ने बताया कि फैजल इकबाल पहले एनएसयूआई संगठन में था लेकिन अब संगठन में नहीं है। हालांकि उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि छात्रा के साथ ठगी करना बिल्कुल गलत है। हर हाल में ठगी करने वाले पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। वही इस संबंध मैं आवेदन में दिए गए नंबर के माध्यम से फैजल इकबाल का पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


