रांची। निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच तेज हो गई है। इस क्रम में मंगलवार को एसीबी की टीम ने एक बार फिर चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता से उनके कांके रोड स्थित आवास पर पूछताछ की।
यह तीसरा मौका है, जब एसीबी के अधिकारी स्वप्ना संचिता से उनके आवास पर जाकर पूछताछ कर चुके हैं। एसीबी चौबे द्वारा अर्जित कथित काली कमाई के निवेश से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।जांच के दौरान एसीबी ने विनय कुमार चौबे, उनकी पत्नी, रिश्तेदारों और सहयोगियों से जुड़े दो दर्जन से अधिक बैंक खातों की जानकारी प्राप्त की है। इन खातों में बड़े पैमाने पर हुए लेन-देन की गहन जांच की जा रही है।
इसी क्रम में एसीबी को जानकारी मिली कि स्वप्ना संचिता के नाम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में दो बैंक लॉकर हैं। जांच को देखते हुए एसीबी ने दोनों लॉकर को फ्रीज करवा दिया है।गौरतलब है कि आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एसीबी ने 24 नवंबर को रांची स्थित एसीबी थाना में कांड संख्या 20/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
सभी बैंकों से मांगी गई जानकारीएसीबी ने जांच के दौरान सभी सरकारी व निजी बैंकों से पत्राचार कर यह जानकारी मांगी थी कि निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे, उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह तथा उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर कितने बैंक खाते और लॉकर संचालित हैं।
एसीबी ने जांच पूरी होने तक संबंधित सभी बैंक खातों और लॉकरों को फ्रीज करने का निर्देश भी बैंकों को दिया था। इसी के तहत स्वप्ना संचिता के दो लॉकर फ्रीज किए गए हैं। जमीन और शराब घोटाले से संपत्ति अर्जित करने का आरोपएसीबी का आरोप है कि विनय कुमार चौबे ने अपने कार्यकाल के दौरान जमीन और शराब घोटाले के जरिए भारी मात्रा में अवैध संपत्ति अर्जित की।
आरोप यह भी है कि इस काली कमाई के निवेश में उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई है।एसीबी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।


