रामगढ़ : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कुजू क्षेत्र अंतर्गत सारूबेड़ा परियोजना के वेस्ट OCP (Purposed Patch 03) में करोड़ों रुपये की ठगी और जालसाजी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गुजरात की कंपनी ‘कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर’ ने बिना किसी मशीनरी या वाहन के झूठे दस्तावेज़ों के आधार पर टेंडर लिए और स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से काम करवा कर करोड़ों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।जानकारी के अनुसार, कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर झारखंड में चार प्रमुख परियोजनाओं में सक्रिय है — सारूबेड़ा OCP (कुजू क्षेत्र), तापिन साउथ OCP (हजारीबाग क्षेत्र), जरंगडीह OCP (कथारा क्षेत्र) और सिरका OCP (अरगड्डा क्षेत्र)। इन सभी परियोजनाओं में कंपनी की कोई भी मशीन मौजूद नहीं है और काम पूरी तरह से स्थानीय एजेंसियों द्वारा कराया जा रहा है। कार्य संचालन गुजरात के जामनगर निवासी KD KARMUR द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि वह प्रभावशाली राजनेताओं और दबंग व्यक्तियों की मदद से ठगी और अवैध वसूली का जाल चला रहा है। जानकारी के अनुसार, KD KARMUR ने कई छोटी कंपनियों जैसे RAJ YASHI CONSTRUCTION PVT LTD और MONIKA ENTERPRISES को ठगी के जाल में फंसा कर लगभग 15 करोड़ रुपये हड़प लिए। विरोध करने पर उसने स्थानीय एजेंसियों को भड़का कर विवाद खड़ा किया ताकि सत्य को दबाया जा सके। कंपनी के मालिक का बयानइस मामले में जब KD KARMUR से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, “हमारे कंपनी पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। हम हमेशा सरकारी नियमों और टेंडर प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। यह मामला किसी गलतफहमी और कुछ असामाजिक तत्वों की झूठी शिकायतों के कारण फैलाया गया है। हम जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी। पीड़ित कंपनियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI, ED, CVO और NIA जैसी केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं जिला प्रशासन और CCL प्रबंधन तक भी यह मामला पहुँच चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


