रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मंगलवार शाम एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। मेडिसिन विभाग के ए-2 वार्ड में मरीज के परिजनों द्वारा नर्स अनुपम कुमारी तिर्की के साथ मारपीट किए जाने के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने जमकर हंगामा किया और विभाग की सेवाएं साढ़े पाँच घंटे तक बंद रहीं।
सेवाएं बाधित रहने से कई भर्ती मरीजों को समय पर दवा नहीं मिल सकी और आईसीयू में हालत बिगड़ने की स्थिति भी बनी। हालांकि देर रात लगभग 10:30 बजे प्रबंधन से वार्ता के बाद सभी नर्सें ड्यूटी पर लौट आईं।
नर्स ने लगाए मारपीट और धमकी देने के आरोप
पीड़ित नर्स अनुपम कुमारी तिर्की ने आरोप लगाया कि डोरंडा निवासी 25 वर्षीय मरीज हबीब अंसारी के साथ आई एक महिला ने पहले अभद्र व्यवहार किया, फिर बाल पकड़कर बाहर घसीटा और मारपीट की। नर्सिंग स्टाफ के मुताबिक आरोपी महिला खुद को रामगढ़ की कांग्रेस जिलाध्यक्ष बताते हुए धमकी दे रही थी और परिजन “हम मंत्री के आदमी हैं” कहकर गाली-गलौज कर रहे थे।
इमरजेंसी के बाहर धरना, प्रबंधन गायब
घटना के बाद नर्सें ट्रॉमा सेंटर के बाहर रात 9:30 बजे तक धरने पर बैठ गईं। धरने के कारण इमरजेंसी सेवाओं पर भी असर पड़ा और गंभीर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। नर्सों का आरोप है कि इतने गंभीर हालात में भी रिम्स प्रशासन के किसी अधिकारी या सुरक्षा कर्मी ने हस्तक्षेप नहीं किया।नर्सिंग यूनियन ने चेतावनी दी कि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।


