वायरल वीडियो के बाद बढ़ी दूरी; 23 अप्रैल की वोटिंग से पहले बदला सियासी समीकरण
कोलकाता | संवाददाता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मतदान की तारीख नजदीक आते-आते ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और हुमायूं कबीर के बीच बना गठबंधन टूट गया है। AIMIM ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए राज्य में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
📄 वायरल वीडियो के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार, हुमायूं कबीर का एक कथित वीडियो सामने आने के बाद यह राजनीतिक दूरी बढ़ी। इसी के बाद AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi ने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया। यह गठबंधन आगामी चुनाव के लिए अहम माना जा रहा था।
🗳️ AIMIM का बयान—गरिमा से समझौता नहीं
AIMIM ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा कि हुमायूं कबीर के बयानों ने बंगाल के मुसलमानों की असुरक्षा को उजागर किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे बयान या विचारधारा से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे समुदाय की गरिमा पर सवाल उठे।
⚖️ ‘अब अकेले लड़ेंगे चुनाव’
पार्टी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमान समुदाय अब भी सबसे अधिक गरीब, उपेक्षित और शोषित वर्गों में शामिल है। दशकों के शासन के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। AIMIM ने दोहराया कि उसकी नीति हाशिए पर पड़े समुदायों को स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देना है। इसी के तहत अब पार्टी बंगाल में अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी और फिलहाल किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी।
❗ बदला चुनावी समीकरण
गठबंधन टूटने से बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है। अब सभी की नजर AIMIM के आगामी कदमों और इसके चुनावी असर पर टिकी हुई है।

