रांची, संवाददाता: राजधानी रांची में स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की जमीन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में जमीन दलाल और बिल्डर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अब करीब 16 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी जांच के घेरे में आ गए हैं। एजेंसी ने साफ संकेत दिया है कि यह कार्रवाई अभी शुरुआती है और आगे कई बड़े खुलासे संभव हैं।
🟥 फर्जी वंशावली से तैयार किया गया पूरा खेल
ACB की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
बताया जा रहा है कि कथित जमीन मालिक ने गलत वंशावली के आधार पर जमीन पर दावा ठोकते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। इसके बाद—
- जमीन का कन्वर्जन कराया गया
- बिल्डर को करीब 31 लाख रुपये में बिक्री
- जमीन पर अपार्टमेंट निर्माण
- कुछ फ्लैट खुद कथित मालिक के हिस्से में
इस तरह सरकारी जमीन को निजी संपत्ति में बदलने का खेल रचा गया।
🟥 बिना मिलीभगत संभव नहीं, अफसर रडार पर
ACB का मानना है कि इतनी बड़ी गड़बड़ी बिना सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं हो सकती।
अब जांच का फोकस इस पर है कि—
- किन अधिकारियों ने दस्तावेजों को सत्यापित किया
- किस स्तर पर फाइल को मंजूरी मिली
- किन कर्मचारियों ने नियमों को नजरअंदाज किया
करीब 16 अधिकारी-कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
🟥 हाई कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
इस पूरे मामले में झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद 5 जनवरी को ACB थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एफआईआर में RIMS प्रबंधन के अलावा कई अज्ञात पदाधिकारी और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था। अब जांच में नए नाम सामने आने लगे हैं और शिकंजा कसता जा रहा है।
🟥 कई विभागों के रिकॉर्ड खंगाल रही ACB
जांच एजेंसी ने कई विभागों की भूमिका को संदेह के घेरे में रखा है। इनमें शामिल हैं—
- राजस्व कार्यालय, रांची
- रांची नगर निगम
- निबंधन कार्यालय
- रेरा
- आरआरडीए
ACB यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज आखिर किन प्रक्रियाओं के तहत पास हुए।
🟥 पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने की तैयारी
ACB इस मामले को एक बड़े संगठित जमीन घोटाले के रूप में देख रही है। जांच के दायरे में—
- जमीन दलाल
- बिल्डर
- दस्तावेज बनाने वाले
- सरकारी कर्मचारी
सभी की भूमिका खंगाली जा रही है ताकि पूरे नेक्सस का खुलासा हो सके।
🟥 और गिरफ्तारियां जल्द संभव
सूत्रों के अनुसार, जांच अभी शुरुआती दौर में है।
- कई संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी
- पुख्ता सबूत जुटाने की प्रक्रिया जारी
- जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं


