नई दिल्ली, मंगलवार: कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। सरकार का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम बाजार आधारित होते हैं और इन्हें नियंत्रित नहीं किया जाता, क्योंकि इनका उपयोग मुख्य रूप से होटल, ढाबों और उद्योगों में होता है।
बाजार के हिसाब से तय होते हैं दाम
सरकार के मुताबिक, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार और सप्लाई के आधार पर हर महीने बदलती रहती हैं। इनका घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधा असर सीमित रहता है, क्योंकि देश की कुल LPG खपत में इनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम है।
मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ा दबाव
1 अप्रैल को 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई। दिल्ली में इसकी कीमत 1883 रुपये से बढ़कर 2078.50 रुपये हो गई है।
बताया जा रहा है कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में LPG की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे यह वृद्धि हुई।
अन्य शहरों में नई कीमतें
- कोलकाता: 2208.00 रुपये
- मुंबई: 2031.00 रुपये
- चेन्नई: 2246.50 रुपये
पिछले एक महीने में ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कुल 310 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर असर नहीं: सरकार
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बढ़ोतरी का असर आम घरेलू उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। वर्तमान में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर घरेलू सिलेंडर पर करीब 380 रुपये का नुकसान उठा रही हैं। अनुमान है कि मई के अंत तक यह नुकसान लगभग 40,484 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
पहले भी सरकार ने उठाया बोझ
सरकार ने बताया कि पिछले वर्ष कुल 60,000 करोड़ रुपये के नुकसान में आधा हिस्सा सरकार और आधा ऑयल कंपनियों ने वहन किया था, ताकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ सीधे आम जनता पर न पड़े।
पड़ोसी देशों से सस्ता LPG
सरकार ने तुलना करते हुए कहा कि भारत में LPG अब भी पड़ोसी देशों के मुकाबले सस्ता है—
- पाकिस्तान: लगभग 1,046 रुपये
- श्रीलंका: लगभग 1,242 रुपये
- नेपाल: लगभग 1,208 रुपये


