रांची। झारखंड नगर निकाय चुनाव के तहत राज्य के 16 नगर निकायों के कुल 38 वार्डों में वार्ड पार्षद पद के लिए उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। नामांकन प्रक्रिया, जांच और नाम वापसी के बाद इन वार्डों में केवल एक-एक प्रत्याशी के मैदान में रहने के कारण निर्वाची पदाधिकारियों ने उन्हें निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया है। इन वार्डों में अब मतदान नहीं कराया जाएगा।
निर्विरोध निर्वाचन की जानकारी संबंधित निर्वाची पदाधिकारियों ने राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी है। जिन नगर निकायों के वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है, उनमें आदित्यपुर नगर निगम के दो, मेदिनीनगर नगर निगम के तीन, साहिबगंज नगर परिषद के पांच, दुमका नगर परिषद के दो, रामगढ़ नगर परिषद का एक, चक्रधरपुर नगर परिषद के तीन, मिहिजाम नगर परिषद के तीन, कपाली नगर परिषद के दो, गोड्डा नगर परिषद का एक, जुगसलाई नगर परिषद के पांच, चतरा नगर परिषद के दो, राजमहल नगर पंचायत के दो, चाकुलिया नगर पंचायत के तीन, हुसैनाबाद नगर पंचायत का एक, सरायकेला नगर पंचायत का एक तथा जामताड़ा नगर पंचायत के दो वार्ड शामिल हैं।
इससे पहले महापौर एवं अध्यक्ष पद के 38 तथा वार्ड पार्षद पद के 191 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद महापौर और अध्यक्ष पद के लिए 560 तथा वार्ड पार्षद पद के लिए 5,766 उम्मीदवार चुनाव मैदान में बचे थे। हालांकि 38 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन होने के बाद अब वार्ड पार्षद पद के लिए 5,728 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।
इस प्रकार महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पदों को मिलाकर कुल 6,288 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 23 फरवरी को होने वाले मतदान में होगा। उल्लेखनीय है कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान कुल 424 आवेदन रद्द किए गए थे, जिनमें महापौर एवं अध्यक्ष पद के 76 तथा वार्ड पार्षद पद के 348 नामांकन शामिल थे। महापौर व अध्यक्ष पद के लिए 647 और वार्ड पार्षद पद के लिए 6,305 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था।

