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झारखंड में फर्जी स्पेशल ब्रांच अधिकारी सक्रिय, एस्कॉर्ट के नाम पर ठगी का बड़ा खेल उजागर

रांची/पलामू। झारखंड में सुरक्षा एजेंसियों के नाम पर ठगी और फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला सामने आया है। पलामू जिले में एक शातिर व्यक्ति खुद को स्पेशल ब्रांच (Special Branch) का अधिकारी बताकर न सिर्फ पुलिस महकमे को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि नेताओं के नाम पर पुलिस एस्कॉर्ट की मांग कर अवैध वसूली की फिराक में भी बताया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त फर्जी व्यक्ति ने स्पेशल ब्रांच के अधिकारी होने का हवाला देते हुए पुलिस अधिकारियों को फोन किया और एक कथित “वीआईपी नेता” के लिए तत्काल पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराने की मांग की। कॉल के दौरान उसने सरकारी पद और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर दबाव बनाने की भी कोशिश की।

पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मामला जैसे ही उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कॉल की सत्यता की जांच की गई तो पता चला कि संबंधित व्यक्ति स्पेशल ब्रांच से जुड़ा हुआ नहीं है। इसके बाद पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक एस्कॉर्ट मांगने का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़े फर्जीवाड़े, ठगी या किसी सुरक्षा संबंधी अपराध की साजिश भी हो सकती है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की कमजोरियों का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह कर रहा था।

सभी जिलों को किया गया अलर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर से सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि यदि स्पेशल ब्रांच या किसी अन्य सुरक्षा एजेंसी के नाम पर कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो उसकी तत्काल पुष्टि उच्च स्तर से की जाए और बिना सत्यापन कोई कार्रवाई न की जाए।

कॉल डिटेल और तकनीकी जांच तेज

सूत्रों के मुताबिक, फर्जी कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

कड़ी कार्रवाई की तैयारी

जांच अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि मामला संगठित ठगी या सुरक्षा से जुड़ा पाया गया, तो इसमें और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इस तरह के फर्जी कॉल अन्य जिलों में भी तो नहीं किए गए।

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