रांची। नगर निकाय चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता केवल उन निकाय क्षेत्रों में प्रभावी होगी, जहां मतदान होना है। पंचायत क्षेत्रों और कैंटोनमेंट बोर्ड में आचार संहिता लागू नहीं होगी। यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने दी। आयोग मतदान दलों के गठन और रैंडमाइजेशन के लिए कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया अपनाएगा।
यह कार्य पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में किया जाएगा। चुनाव खर्च पर निगरानी कड़ी होगी और धन-बल के दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
चुनाव खर्च सीमा तय
10 लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगम में महापौर उम्मीदवार अधिकतम 25 लाख और वार्ड पार्षद 5 लाख रुपये खर्च कर सकेंगे।
10 लाख से कम आबादी वाले नगर निगम में यह सीमा क्रमशः 15 लाख और 3 लाख निर्धारित की गई है।नगर परिषद क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के लिए 10 लाख (एक लाख से अधिक आबादी) और 6 लाख (एक लाख से कम आबादी) की सीमा तय है। वार्ड पार्षद क्रमशः 2 लाख और 1.5 लाख खर्च कर सकेंगे।
नगर पंचायतों में अध्यक्ष के लिए 5 लाख तथा पार्षद के लिए 1 लाख रुपये की सीमा निर्धारित है।
30 मार्च तक होगा उप महापौर का चुनाव
निकाय चुनाव के बाद उप महापौर और उपाध्यक्ष पद का अप्रत्यक्ष चुनाव कराया जाएगा। आयोग ने इसे 30 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

