रांची। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जल्द ही CBI की औपचारिक एंट्री हो सकती है। करीब एक साल पहले रायपुर स्थित आर्थिक अपराध विंग (EOW) द्वारा की गई अनुशंसा के बाद अब CBI ने केस से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होते ही CBI इस प्रकरण में FIR दर्ज कर सकती है।
फिलहाल केस रायपुर EOW के पास है, जो झारखंड के कथित किंग-पिन और सत्ता के करीबी माने जाने वाले आरोपितों की जानकारी खंगाल रही है। इन आरोपितों में प्रेम प्रकाश भी शामिल है, जिसे ED जमीन घोटाले मामले में पहले ही जेल भेज चुकी है। प्रेम प्रकाश से जुड़े दस्तावेज EOW ने पहले ही CBI को भेज दिए थे।
झारखंड ACB द्वारा गिरफ्तार सभी आरोपित भी अब CBI के रडार पर
शराब घोटाले में झारखंड ACB द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपितों से रायपुर EOW बयान ले रही है। देसी शराब आपूर्तिकर्ता चुन्नू जायसवाल सहित कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है। आगे CBI भी सभी से पूछताछ कर सकती है।
ED भी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच में सक्रिय
इस केस में ED ने 2024 में PMLA के तहत जांच शुरू की थी और पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह समेत कई अफसरों को आरोपित बनाया था। 29 अक्टूबर 2024 को हुई छापेमारी में उत्पाद नीति से जुड़े दस्तावेज, प्रिज़्म कंपनी के होलोग्राम नमूने, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई थी।
आरोप है कि वर्ष 2022 के बाद दो वर्षों तक झारखंड की उत्पाद नीति में छत्तीसगढ़ की एजेंसियों ने कार्य जारी रखा और नकली होलोग्राम व अवैध शराब के जरिये सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
अब CBI इसी पूरे नेटवर्क को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत जांच करेगी।


