रांची। झारखंड के बहुचर्चित JPSC-2 नियुक्ति घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में ECIR दर्ज करते हुए करीब 60 लोगों को अभियुक्त बनाया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईडी की सूची में शामिल कई आरोपी तत्कालीन परीक्षार्थी अब राज्य प्रशासनिक सेवा में ADM रैंक तक प्रमोशन पा चुके हैं। वहीं राज्य पुलिस सेवा (DSP) के पद पर सफल घोषित कई अधिकारी आज IPS में प्रोन्नत हो चुके हैं।
मनी लाउंड्रिंग की होगी जांच
ईडी द्वारा दर्ज ECIR के तहत इन अधिकारियों के खिलाफ मनी लाउंड्रिंग के आरोपों की गहराई से जांच की जाएगी। एजेंसी अब इनकी संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध लेन-देन की पड़ताल करेगी।
CBI जांच की पृष्ठभूमि
JPSC-2 घोटाले की जांच वर्षों से विवादों में रही है।हाईकोर्ट ने ACB जांच की धीमी प्रगति को देखते हुए मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद CBI ने वर्ष 2012 में प्राथमिकी दर्ज की थी।
हालांकि, जांच के दौरान उठी कानूनी जटिलताओं की वजह से मामला लंबे समय तक अटका रहा और लगभग 12 साल बाद, 2024 में CBI ने आरोप पत्र दायर किया। CBI द्वारा आरोपित सभी आरोपी वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं।
ईडी की एंट्री से बढ़ी हलचल
ईडी के नए कदम के बाद माना जा रहा है कि अब जांच में तेजी आएगी और कई बड़े खुलासे भी हो सकते हैं। प्रमोशन प्राप्त अधिकारियों के नाम आने से राज्य की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में भी हलचल तेज हो गई है।

