कतरास: नगर निगम के पैसों का दुरुपयोग देखना हो तो कतरास वार्ड संख्या एक आ जाइए। जी हां वार्ड संख्या एक के सेलेक्टर गोविंदपुर बस्ती एवं राजहंस फैक्ट्री के समीप विकास कार्य के नाम पर नगर निगम के करोड़ों की फंड का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। बता दे कि उक्त स्थल में लगभग 1 किलोमीटर से अधिक लंबे नाली निर्माण का कार्य चल रहा है।
निर्माण कार्य में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि चिमनी भट्टा के बदले बांग्ला भट्ठा ईंट का उपयोग खुलेआम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो नाली निर्माण में प्रयोग होने वाले छड़ से लेकर अन्य सभी सामग्री घटिया किस्म का है। लेकिन ठेकेदार को इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्हें तो बस किसी भी तरह से नाली निर्माण कार्य को पूरा करना है।
मोहल्ले के पानी को नाली में मिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं- ग्रामीण
इतना ही नहीं स्थानीय भूषण तुरी, किरण सिंह, सुलेखा देवी, करण बाउरी, सुमित्रा देवी, बिजली देवी आदि ने बताया कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है।
कहीं नाली का ढक्कन बंद है तो कहीं खुला छोड़ दिया गया है। कहीं तो नव निर्माण नाली से लीकेज हो रहा है लेकिन उसका मरम्मत नहीं किया जा रहा है। नाली का पानी भी सही निकाश नहीं हो पा रहा है। नाली में कचरा का अंबार लगा है। घरों से निकलने वाला पानी का नाली में मिलने का कोई व्यवस्था नहीं किया गया है।
कई जगहों पर सही से मसाले का प्रयोग नहीं किया गया। जिससे गिट्टी और रड स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यहां तक की नाली निर्माण से सम्बन्धित शिलापट्ट भी नहीं लगाया गया है जिससे निर्माण कार्य में अनियमिता बरते जाने का स्पष्ट संकेत मिलता है। स्थानीय लोगों को भी नाली निर्माण को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं है।
लोगों को नहीं पता है कि नाली कहां से कहां तक बनेगा और इसके लिए नगर निगम के द्वारा कितनी राशि निर्गत की जा रही है। लोगों ने बताया कि जब ठेकेदार के लोगों को अच्छी गुणवत्ता युक्त और एस्टीमेट के अनुसार नाली निर्माण करने को कहा गया तो ठेकेदार के लोगों ने ग्रामीणों को झूठे केस मुकदमा में फंसाने की धमकी दी जिससे लोगों में भय का माहौल है।

