रांची। रिम्स परिसर स्थित DIG ग्राउंड के पास बने अभिनंदन अपार्टमेंट पर प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई ने 20 परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। यह मामला अब सिर्फ अवैध निर्माण नहीं, बल्कि उन लोगों के भविष्य का सवाल बन गया है, जिन्होंने जीवनभर की कमाई, रिटायरमेंट की रकम और बैंक लोन के सहारे अपना घर खरीदा था।
फ्लैट मालिकों के मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री, नगर निगम से नक्शा पास, अंचल कार्यालय से कागजात सत्यापन और बैंक से लोन मिलने के बाद भी निर्माण को अवैध बताया जा रहा है। एक परिवार ने पिता की रिटायरमेंट राशि और बचत से करीब 80 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा, जबकि एक महिला ने 68 लाख के फ्लैट पर 20 लाख रुपये इंटीरियर में खर्च किए।
अब घर टूटने का डर है, लेकिन ईएमआई जारी रहेगी।पीड़ितों का सवाल है कि यदि जमीन या निर्माण गलत था तो वर्षों तक किसी विभाग ने आपत्ति क्यों नहीं उठाई। कार्रवाई की जिम्मेदारी सिर्फ आम लोगों पर क्यों डाली जा रही है।
फ्लैट मालिकों ने दोषी अधिकारियों, बिल्डर और जमीन मालिकों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और बैंक लोन में राहत की मांग की है।


