रांची: झारखंड हाई कोर्ट में जस्टिस राजेश कुमार और अधिवक्ता महेश तिवारी के बीच हुई नोकझोंक के मामले में मंगलवार को पांच जजों की वृहद पीठ ने सुनवाई की। अदालत को बताया गया कि अधिवक्ता महेश तिवारी ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
जिस पर पीठ ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही अगली सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान की अगुवाई वाली पीठ ने इससे पहले महेश तिवारी पर आपराधिक अवमानना का आरोप तय करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
दरअसल, 16 अक्टूबर को बिजली बिल विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस राजेश कुमार और महेश तिवारी के बीच तीखी बहस हुई थी। हाई कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग में यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया और वीडियो वायरल हो गया।
मामले की गंभीरता देखते हुए हाई कोर्ट ने इसे पांच जजों की पीठ को सौंप दिया। सुनवाई के दौरान अदालत में पूरे दिन की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग भी चलाई गई। महेश तिवारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने “जो कुछ भी कहा, होश में कहा और उन्हें कोई पछतावा नहीं है।”
अदालत ने माना कि यह कृत्य न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, इसलिए आपराधिक अवमानना का मामला तय किया गया है।अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही झारखंड हाई कोर्ट आगे की सुनवाई करेगा।


