रांची: झारखंड विधानसभा के 25वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में बदलाव तभी दिखेगा जब सरकारी सेवाएं समय पर आम लोगों तक पहुँचेंगी। उन्होंने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि म्यूटेशन, जाति, आय, मृत्यु प्रमाण पत्र और जमीन की मापी जैसी जरूरी सेवाओं को तय समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा। देरी होने पर कार्रवाई भी तय है।
सीएम ने कहा कि झारखंड को ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता है, लेकिन यह तभी सच होगा जब सवा तीन करोड़ लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार दिखे। उन्होंने आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से जनता को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकता बताया।
उन्होंने उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार का जिक्र करते हुए बताया कि इस वर्ष राज सिन्हा को 21वें उत्कृष्ट विधायक के रूप में चुना गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के संघर्ष और गुरुजी शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए कहा कि झारखंड की कल्पना पूरी जरूर हुई, लेकिन गरीबी और पिछड़ेपन को दूर करने के लिए अभी काफी काम बाकी है।
सीएम ने कहा कि राज्य निर्माण में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नेतृत्व में लंबा संघर्ष हुआ । आज आर्शीवाद देने के लिए दिशोमगुरु शिबू सोरेन सहित कई ऐसे वीर हमलोगों के बीच नहीं है। राज्य की परिकल्पना तो पूरी हुई, लेकिन मूल विषय में सबसे निचले पायदान में खड़े हैं। गरीबी, पिछड़ापन, शिक्षा सामाजिक न्याय से महरूम हैं। आज के दिन देश के किसी भी राज्य से झारखंड को आर्थिक रूप से मजबूत होने का दावा करें तो सही नहीं होगा।


