ताज़ा खबरें

Copyright © 2025 swatantraawaj.com . All Right Reserved.

Exclusive : लक्जरी काफिला, करोड़ों की संपत्ति और कागज़ी कारोबार: शुभम के नशे के साम्राज्य में झारखंड कनेक्शन उजागर

रांची/वाराणसी: कोडीन फॉस्फेट युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप के अवैध कारोबार का नेटवर्क अब झारखंड से भी जुड़ता दिख रहा है। वाराणसी का रहने वाला शुभम जायसवाल, जिसे कफ सिरप ‘किंग’ कहा जा रहा है, चार साल पहले तक एक सामान्य युवक था। लेकिन कफ सिरप के काले कारोबार ने उसे रातोंरात करोड़पति बना दिया। प्रशासन ने अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 130 से अधिक कारोबारियों पर कार्रवाई की है, जिनमें से कई कड़ियां झारखंड तक पहुंची हैं।

कुछ साल पहले तक आम जिंदगी जीने वाला शुभम देखते-देखते लक्जरी लाइफ में डूब गया। वाराणसी में उसके साथ डिफेंडर, लैंड क्रूजर लेजेंडर जैसी महंगी गाड़ियों का लंबा काफिला चलता था। अवैध कारोबार से कमाए पैसों से उसने करोड़ों की संपत्ति तैयार की, जिसकी जानकारी अब जांच एजेंसियों के पास है।

जांच अधिकारियों का कहना है कि शुभम के नेटवर्क में कई सफेदपोश चेहरे भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका झारखंड में भी जांच के दायरे में आएगी।


जांच में खुलासा हुआ कि रांची स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स ने 2023 से 2025 के बीच एबट हेल्थ केयर से 89 लाख कफ सिरप की बोतलें करीब 100 करोड़ रुपये में खरीदीं।

इनमें से लगभग 50 करोड़ रुपये का सिरप वाराणसी की 28 थोक दुकानों को कागजों पर बेचा गया, लेकिन मौके पर कोई स्टॉक, बिल या रिकॉर्ड नहीं मिला। कई फर्में बंद मिलीं, जबकि कुछ के अस्तित्व पर भी सवाल उठे हैं।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह पूरा कारोबार सिर्फ कागज पर चलता रहा और असल सप्लाई बांग्लादेश भेजी जाती थी, जहां कोडीन युक्त कप सिरप की तस्करी से भारी मुनाफा कमाया जाता है।


हाल ही में शुभम ने वाराणसी में नवरात्रि, दीपावली और छठ पूजा पर सैकड़ों होर्डिंग और पोस्टर लगवा दिए थे। नगर निगम ने इसे अवैध मानते हुए उस पर 5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

दीपावली पर तो उसने 3 क्विंटल से ज्यादा मिठाई दवा कारोबारियों के बीच बांटी, जिनके डिब्बे पर उसकी फोटो छपी थी। इस तरह वह अपने आप को शहर के प्रभावशाली चेहरों में शामिल करने की कोशिश कर रहा था।

शुभम की पॉलिटिक्स में भी गहरी दिलचस्पी बताई जाती है, जिसकी शुरुआत हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज, वाराणसी से पढ़ाई के दौरान हुई थी।


ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली की शिकायत पर कोतवाली थाने में शुभम जायसवाल, शैली ट्रेडर्स के भोला प्रसाद और 26 अन्य लोगों पर केस दर्ज हुआ है। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस को सौंपे गए हैं।

अब मामला झारखंड में भी तेजी से बढ़ रहा है। रांची की फर्म की भूमिका और यहां से हुए स्टॉक मूवमेंट की जांच में कई बड़े नाम सामने आने की संभावना है।


जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस बड़े नेटवर्क की भयावह तस्वीर दिखाते हैं—

लाखों बोतलों की खरीद-बिक्री सिर्फ कागजों पर

दुकानों में न स्टॉक मिला, न बिल

बंद पड़ी फर्मों के नाम पर करोड़ों का माल दिखाया गया

असली सप्लाई बांग्लादेश में नशे के रूप में इस्तेमाल के लिए भेजी जाती थी


रांची में जितने बड़े स्तर पर खरीद दिखाई गई है, उससे यह साफ है कि यह नेटवर्क झारखंड, यूपी और बंगाल में फैला हुआ एक बड़ा सिंडिकेट है। प्रशासन ने कई टीमों को इस मामले में लगाया है और माना जा रहा है कि जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Tags :

मुख्य समाचार

लोकप्रिय ख़बरें

स्वतंत्र आवाज़ — आपकी आवाज़, आपके मुद्दे। देश, राज्य और स्थानीय स्तर की निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरें, अब आपकी भाषा में।

ताज़ा खबरें

लोकप्रिय समाचार

Copyright © 2025 Swatantrawaj.com  All Right Reserved.