पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार के हत्यारे दो हार्डकोर नक्सलियों सुखलाल उर्फ प्रवीर मुर्मू और सनातन बास्की उर्फ ताला दा को दुमका की निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी. निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. हाई कोर्ट के दो जजों की खंडपीठ में शामिल जस्टिस संजय प्रसाद ने दोनों सजायाफ्ता की फांसी की सजा को बरकरार रखा था.
वहीं, जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय ने दोनों सजायाफ्ता की फांसी की सजा के खिलाफ अपील को स्वीकार करते हुए उन्हें बरी किया था.
जस्टिस संजय प्रसाद ने अपने आदेश में नक्सलियों के हमले में शहीद तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार के परिजनों को 2 करोड़ मुआवजा और पांच अन्य शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया है.
साथ ही अमरजीत बलिहार के पुत्र या पुत्री को डिप्टी एसपी/डिप्टी कलेक्टर के पद पर नियुक्त करने के साथ-साथ उन्हें उम्र सीमा में छूट देने का भी आदेश दिया था. बता दें कि, साल 2013 में पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार चुनाव को लेकर एक बैठक में शामिल होने के लिए दुमका गए थे.
इस दौरान लौटने के क्रम में नक्सलियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. नक्सलियों के हमले में तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार सहित 6 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी.

