रांची : बरियातू स्थित सेना की 4.55 एकड़ जमीन की कथित फर्जी खरीद-बिक्री मामले में निलंबित IAS अधिकारी छवि रंजन की याचिका अब दूसरे बेंच में सुनवाई के लिए जाएगी। जस्टिस अंबुज नाथ की अदालत ने यह आदेश दिया है। छवि रंजन ने ईडी कोर्ट द्वारा अभियोजन स्वीकृति के बगैर संज्ञान लिए जाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
छवि रंजन की ओर से दलील दी गई कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने से पहले सीआरपीसी की धारा 197 के तहत अभियोजन स्वीकृति अनिवार्य है, लेकिन इस केस में ऐसा नहीं किया गया। इसलिए ईडी कोर्ट द्वारा लिया गया संज्ञान और दर्ज प्राथमिकी को निरस्त किया जाए।
गौरतलब है कि ईडी ने मई 2023 में इस मामले में छवि रंजन को गिरफ्तार किया था। उन पर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सेना की भूमि की हेराफेरी में शामिल होने का आरोप है।
तीन अन्य आरोपितों की जमानत याचिका पर केस डायरी तलब
इसी मामले से जुड़ी एक अन्य सुनवाई में हाई कोर्ट ने तीन आरोपितों सौरभ कुमार उर्फ सौरव वर्णवाल, अफसर अली और सद्दाम हुसैन की जमानत याचिका पर केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
यह केस रांची के बरियातू थाना क्षेत्र की उस भूमि से जुड़ा है, जिस पर दो-दो होल्डिंग नंबर लेने के लिए फर्जी आधार कार्ड, बिजली बिल और कब्जा प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे। नगर निगम के टैक्स कलेक्टर दिलीप शर्मा की शिकायत पर इसकी प्राथमिकी दर्ज की गई थी।शिकायत में कहा गया था कि आरोपितों ने फर्जी कागज़ात के आधार पर जमीन को लगभग सात करोड़ रुपये में एक कंपनी को बेच दिया, जिसमें कुछ सरकारी कर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।


