रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से राज्य के सभी शहरी निकाय (यूएलबी) चुनाव को लेकर गुरुवार को बुलाई गई अहम तैयारी बैठक में बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। बैठक में अधिकांश निकाय प्रभारियों और पर्यवेक्षकों की गैरहाजिरी पर प्रदेश अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए सभी को कार्यमुक्त कर दिया। अब इनकी जिम्मेदारी संबंधित जिलाध्यक्षों को सौंप दी गई है। कांग्रेस ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब पार्टी ने तय किया है कि भले ही निकाय चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मैदान में उतरेंगे और जीत सुनिश्चित करेंगे।
बैठक में मौजूद झारखंड प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन सतीश पाल मुंजनी ने बताया कि अब प्रदेश अध्यक्ष ने तीन नवंबर को नई बैठक बुलाई है, जिसमें सभी जिला अध्यक्ष और जिला पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। इस बैठक में ‘संगठन सृजन–2025’ अभियान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की जाएगी।समीक्षा में ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटियों की स्थिति, वार्ड कमेटियों (यूएलबी) के गठन की प्रगति, जिला कांग्रेस बैठकों में विधायकों की उपस्थिति और बीएलए-2 प्रपत्र के तहत बीएलए नियुक्ति की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।
मुंजनी ने बताया कि गुरुवार की बैठक में संगठनात्मक कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इसी के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने नाराज होकर यूएलबी प्रभारियों को हटाने और जिम्मेदारी जिलाध्यक्षों को देने का निर्णय लिया। अब सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में संगठन सृजन–2025 के अंतर्गत सौंपे गए कार्यों को शीघ्र पूरा करें, ताकि कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत किया जा सके।

