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दुर्घटना रोकने के लिए चाईबासा प्रशासन का अहम फैसला: नो-एंट्री में संशोधन से मौतों की संख्या घटी!

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने चाईबासा में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारी वाहनों के लिए लागू ‘नो-एंट्री’ के समय में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं।

प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस संशोधित व्यवस्था से दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।

प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, दिसंबर 2024 से पहले: नो-एंट्री का समय: सदर अनुमंडल अंतर्गत चाईबासा से हाटगम्हरिया राष्ट्रीय मार्ग एवं बाईपास सड़क पर विगत वर्षों से प्रातः 06:00 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक भारी वाहनों के आवागमन पर ‘नो-एंट्री’ लागू थी।

इस लंबी अवधि के परिचालन प्रतिबंध के कारण, चाईबासा से हाटगम्हारिया राष्ट्रीय मार्ग और बाईपास सड़क पर भारी वाहन सड़क के दोनों ओर खड़े रहते थे। इन खड़े वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटना की सूचना प्राप्त हो रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इन दुर्घटनाओं को लेकर बार-बार जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी। साथ ही, हाटगम्हरिया राष्ट्रीय मार्ग एवं सिंहपोखरिया से कुज्जू पुल तक तथा सरायकेला सड़क मार्ग पर जाम से हो रही दुर्घटना के कारण विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही थी।

दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं विधि-व्यवस्था के मद्देनजर, दिसंबर 2024 में ‘नो-एंट्री’ के समय में पहली बार परिवर्तन किया गया। गर्मी की छुट्टियों के बाद विद्यालयों के खुलने और बंद होने के समय में बदलाव को देखते हुए, वर्तमान में आदेश लागू किया गया था

कुजू पुल से सिंहपोखरिया की ओर प्रवेश 9:30 AM से 11:00 AM

तकसिंहपोखरिया से कुजू पुल की ओर प्रवेश 11:00 AM से 12:30 PM

तकनो-एंट्री लागू नहीं रहेगा 03:00 PM से 06:00 AM

तकसरायकेला मॉड से बाईपास चौक की ओर एवं शहरी क्षेत्र में प्रवेश रात्रि 09:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक नो-एंट्री लागू नहीं रहेगी। (भारी वाहन उक्त समय में ही शहरी क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे)

प्रशासन का कहना है कि नए संशोधित नियम लागू होने के बाद दुर्घटनाओं पर अंकुश लगा है। नो-एंट्री वाले क्षेत्रों (मुफस्सिल, झींकपानी, टोंटो, हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र) में सड़क दुर्घटना के कारण होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी आई है.

2024 में 06 मौतें, जबकि 2025 में (अभी तक) केवल 02 मौतें दर्ज हुईं। MDR 177 (बाईपास चौक से गितिल्पी चौक): 2024 में 05 मौतें, जबकि 2025 में (अभी तक) केवल 02 मौतें दर्ज हुईं।

आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि ‘नो-एंट्री’ के समय में किए गए परिवर्तन ने NH 220 और MDR 177 पर सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को कम करने में सफलता हासिल की है। यह परिवर्तन सीधे तौर पर सड़क किनारे खड़े रहने वाले वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक सिद्ध हुआ है।

रिंग रोड परियोजनाजिला प्रशासन चाईबासा में यातायात की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी कार्यरत है। 18 किमी लंबी चाईबासा बाईपास सड़क (रिंग रोड) प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 550 करोड़ रुपये है।

रिंग रोड के बन जाने से भारी वाहनों को शहरी क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं रहेगी, जिससे दुर्घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण संभव हो सकेगा। प्रशासन जनता की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रहा है और सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करता है। नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए थाना प्रभारियों और पुलिस निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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