
रांची: झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री संजय यादव इन दिनों अपने ‘काले रंग प्रेम’ को लेकर चर्चा में हैं। मंत्री ने अपनी सरकारी टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी का रंग सफेद से काला करवा दिया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए न तो विभागीय अनुमति ली गई और न ही परिवहन विभाग से एनओसी प्राप्त किया गया।रांची स्थित बुद्धा टोयोटा सर्विस सेंटर ने गाड़ी की डेंट-पेंट और सर्विसिंग का कुल ₹5.23 लाख का बिल श्रम विभाग को भेजा है। यह बिल मार्च 2025 में भेजा गया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, चूंकि रंग परिवर्तन की कोई आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई थी, इसलिए बिल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
बिल का ब्योरा
डेंट-पेंट की मजदूरी ₹2,04,208
कल-पुर्जे ₹1,44,548
सर्विसिंग लेबर ₹1,15,914
ल्युब्रिकेंट एवं अन्य खर्च ₹58,724
कुल राशि ₹5,23,396
कानूनी प्रावधानमोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 52 के अनुसार, किसी भी वाहन के रंग या संरचना में बदलाव करने से पहले आरटीओ से अनुमति लेना अनिवार्य है। नियम 47 और 50 में स्पष्ट है कि वाहन का रंग आरसी में दर्ज रंग से मेल खाना चाहिए। बिना अनुमति रंग बदलवाना नियमों का उल्लंघन है, जिसके लिए जुर्माने का प्रावधान है।
मंत्री का बयान
मंत्री संजयप्रसाद यादव ने बताया कि गाड़ी का रंग मेरे आदेश पर बदला गया है। सर्विस सेंटर ने जो बिल भेजा है, उसका भुगतान विभाग करेगा। जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, उसका पालन किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि गाड़ी नियमित सर्विसिंग के लिए भेजी गई थी, लेकिन मंत्री के निर्देश पर उसे ब्लैक कलर में पेंट करा दिया गया। अब यह मामला विभागीय फाइलों में अटका हुआ है और अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि भुगतान कैसे किया जाए।

