पलामू: पांकी के मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय, डंडार कला में कार्यरत कम्प्यूटर प्रशिक्षक शशिकांत कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, पलामू को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितता, शैक्षणिक भ्रांतियों और परिवारवाद का गंभीर आरोप लगाया है।
शशिकांत का आरोप है कि उन्हें फर्जी डिग्री का आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया था, जबकि बाद में डिग्री सत्यापन में प्रमाण पत्र सही पाए गए। इसके बावजूद उन्हें दोबारा योगदान नहीं कराया गया और 2023-24 व 2024-25 के अनुदान में उनका हिस्सा नहीं दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज के प्राचार्य और सचिव ने शासी निकाय की बैठक के बिना ही लाखों रुपये का अनुदान कर्मचारियों में बाँट दिया, जो नियमों के विरुद्ध है। साथ ही विकास मद की राशि का गमन, फर्जी नियुक्तियाँ, जातिगत पक्षपात और निजी हित में खर्च की बात भी शिकायत में कही गई है।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि महाविद्यालय के कुछ कर्मचारी बिना प्रक्रिया, बिना विज्ञापन व बिना साक्षात्कार के नियुक्त किए गए हैं। कई कर्मचारियों की डिग्रियाँ और नियुक्ति प्रक्रिया संदिग्ध बताई गई हैं।कॉलेज में नामांकन की संख्या 2100 से अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या मात्र 5 है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है। साथ ही, छात्रों की उपस्थिति भी 20% से कम बताई जा रही है।
शशिकांत ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर महाविद्यालय को सुचारू रूप से संचालित कराने की मांग की है।

