पलामू : जिले में अवैध अफीम और गांजा की खेती रोकने को लेकर पलामू पुलिस ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन के निर्देश पर पिपराटांड़ और पांकी थाना क्षेत्रों में शनिवार को विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का मकसद किसानों को अफीम और गांजा की खेती से होने वाले नुकसान और कानूनन इसके खतरों से अवगत कराना था।
पिपराटांड़ के गिरी गांव में चला अभियान
पिपराटांड़ थाना क्षेत्र के गिरी गांव में बीडीओ, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और मुखिया की उपस्थिति में ग्रामीणों को अफीम व गांजा की खेती के खिलाफ जानकारी दी गई। किसानों से कहा गया कि ऐसी खेती से जहां एक ओर जेल की हवा खानी पड़ सकती है, वहीं दूसरी ओर यह समाज और परिवार के लिए भी नुकसानदेह है। अधिकारियों ने उन्हें चना, मसूर, सरसों, मूंगफली जैसे लाभकारी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया।
पांकी के तीन गांवों में दिखा असर
वहीं पांकी थाना क्षेत्र के हेडूम, गड़ीहारा और जशपुर गांव में चलाए गए अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवक-युवतियां शामिल हुए। केकरगढ़ पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य और पुलिस पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। कार्यक्रम में बताया गया कि जो किसान अवैध फसलों की खेती करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है। ग्रामीणों को बताया गया कि वैकल्पिक खेती से भी अच्छी आमदनी हो सकती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे अब से अफीम की खेती नहीं करेंगे।
पुलिस का प्रयास सराहनीय
पलामू पुलिस का यह प्रयास न सिर्फ अवैध खेती पर रोक लगाने की दिशा में है, बल्कि किसानों को वैकल्पिक रास्ता दिखाने का भी सराहनीय प्रयास है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह के और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि जिले को नशीली फसलों से मुक्त किया जा सके।


