
रांची/रामगढ़ : मांडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक तिवारी महतो पर कोयला माइनिंग कारोबार में दबंगई और दखलअंदाजी के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय ठेकेदारों का कहना है कि विधायक अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर माइनिंग का ठेका मनमाने तरीके से छीन लेते हैं और पहले से किए गए कामों का भुगतान (पेमेंट) तक रुकवा देते हैं। जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में मांडू क्षेत्र की कई खदानों में कोयला परिवहन और खनन कार्य में विधायक के हस्तक्षेप की शिकायतें लगातार बढ़ी हैं। आरोप है कि विधायक अपने समर्थकों के माध्यम से ठेकेदारों पर दबाव बनाते हैं, अनुबंध निरस्त करवाते हैं और अपने नजदीकी लोगों को ठेका दिलवाने का काम करते हैं। विरोध करने पर ठेकेदारों को धमकियां मिलने और उनका काम बंद करवा देने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार मोनिका इंटरप्राइजेज नामक कंपनी रामगढ़ के कुजू क्षेत्र स्थित सारूबेड़ा वेस्ट ओसीपी में खनन कार्य कर रही थी। यह काम कंपनी ने कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर से पेटी कांट्रैक्ट पर लिया था। करीब चार महीने काम करने के बाद, कथित तौर पर मांडू विधायक ने दबाव बनाकर यह प्रोजेक्ट माइनिंग एलएलपी नामक अपनी नजदीकी कंपनी को दिलवा दिया। ठेकेदारों का आरोप है कि विधायक ने कृष्णा इंफ्रास्ट्रक्चर से कहकर मोनिका इंटरप्राइजेज का भुगतान भी रोकवा दिया, जिसका बकाया करीब चार करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस संबंध में विधायक ने खुद भुगतान रुकवाने की बात स्वीकार की है। इस पूरे प्रकरण के प्रमाण स्वतंत्र आवाज़ के पास मौजूद हैं। क्षेत्र के व्यापारियों और ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री एवं डीजीपी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि कोयला कारोबार में हो रही कथित दबंगई और राजनीतिक दखल पर रोक लगाई जा सके।


