रांची: झारखंड प्रदेश भाजपा में इस समय असंतोष और अविश्वास का माहौल गहराता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता रवींद्र कुमार राय को कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद संगठन के भीतर से नाराजगी की आवाजें उठने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, रवींद्र राय को हटाने के निर्णय के समय और तरीके को लेकर कई नेताओं ने आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि पार्टी ने बिना पर्याप्त संवाद के यह कदम उठाया, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई है। रवींद्र राय लंबे समय से झारखंड भाजपा के संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और उन्हें संगठन में एक सशक्त रणनीतिकार माना जाता है। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल इस पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अंदरखाने चर्चा तेज है कि निर्णय की टाइमिंग और प्रक्रिया दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह घटना आगामी चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर सकती है, क्योंकि संगठनात्मक एकजुटता भाजपा की चुनावी ताकत का प्रमुख आधार रही है।


