पलामू जिले में बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पलामू की उपायुक्त समीरा एस ने एक अनोखी पहल की है। उन्होंने पलामू के कई सुदूरवर्ती आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने की घोषणा की है। इस कदम से दूर-दराज इलाकों के सैकड़ों बच्चों को अब बेहतर पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
बच्चों की मुस्कान में उम्मीद
पलामू के जंगल-पहाड़ से घिरे गांवों में छोटे-छोटे बच्चे अब नए सपनों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों की ओर देख रहे हैं। प्रशासन की इस पहल से उन्हें पौष्टिक खिचड़ी, अंडा और दूध मिलने लगा है। साथ ही खेल-खेल में पढ़ाई की व्यवस्था भी की जा रही है।
इस प्रयास से पलामू के बच्चों को एक नया भविष्य और नई उम्मीद मिलेगी
ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर आंगनबाड़ी केंद्र संसाधनों की कमी और लापरवाही का शिकार रहते थे। ऐसे में डीसी का यह कदम न केवल बच्चों बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा साबित होगा। लोगों ने डीसी की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रयास से पलामू के बच्चों को एक नया भविष्य और नई उम्मीद मिलेगी।
डीसी ने कहा आंगनबाड़ी बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली सीढ़ी
डीसी समीरा एस ने बताया है कि आंगनबाड़ी बच्चों के सर्वांगीण विकास की पहली सीढ़ी है। अगर यहां सुधार होगा तो बच्चों का आधार मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर जरूरत के हिसाब से सुधार कराया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई, पौष्टिक आहार और प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


