रांची: दो दिवसीय दौरे पर रांची आए केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने तीन बड़ी घोषणाएं की। पहली यह कि विश्वकर्मा पूजा के दिन से कोल इंडिया के नियमित और ठेका श्रमिक यदि काम के दौरान हादसे का शिकार हो जाते हैं तो उनके आश्रितों को एक करोड़ का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। अभी कोयला खदानों में काम करने वाले नियमित कर्मचारियों को एक करोड़ और ठेका श्रमिकों को 40 लाख रुपये मिलता था। इस तरह जो नियमित श्रमिक हैं उन्हें अब दो करोड़ व ठेका श्रमिकों के आश्रितों को एक करोड़ चालीस लाख तक मुआवजा मिलेगा। 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। यह श्रमिकों को बड़ा तोहफा है। दूसरी, कोविड के समय लागू एक्सग्रेशिया की राशि को 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। तीसरा, सभी कोल माइंस में अनिवार्य रूप से ड्रेस कोड लागू हो जाएगा।रांची के रेडिसन ब्लू होटल में केंद्रीय मंत्री ने प्रेसवार्ता में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया और कहा कि अभी हम चौथा इकोनॉमी देश है। हम तीसरा बनने की ओर अग्रसर हैं और इसमें कोल इंडिया की महती भूमिका होगी।इसके लिए हमारा पूरा जोर घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार को जो भी बदलाव करना पड़ रहा है, वह कर रही है। देश और दुनिया में क्रिटिकल मिनरल्स की मांग को देखते हुए सरकार इसके घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। अब इसके बिना काम नहीं चल सकता।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने में कोल एंड माइंस की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। घरेलू कोयला उत्पादन और क्रिटिकल मिनरल्स का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार पूरा प्रयास कर रही है। आज मोबाइल में, कैमरा में हर चीज में इसकी जरूरत पड़ रही है। इसलिए हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। क्रिटिकल मिनरल्स के इंपोर्ट को कम करने के लिए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन 2025 में लांच किया गया है, जिसका उद्देश्य घरेलू आपूर्ति को मजबूत करना है। इस दिशा में शोध पर भी काम चल रहा है। अभी हम अर्जेंटीना व जांबिया में काम कर रहे हैं।सरकार ने नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के नाम पर लगभग 32000 करोड़ का एक मिशन शुरू किया गया है इसके द्वारा देश में घरेलू क्रिटिकल मिनरल्स के खनन को प्राइवेट सेक्टर और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स को प्रोत्साहन देने के लिए प्रयास किया जा रहा है।दुनिया के अलग-अलग देश में भारत सरकार जाकर पीएसयू और प्राइवेट सेक्टर एक्सप्लोरेशन कर रही है। माइनिंग कर रही है। अर्जेंटीना में 5 लाख लिथियम का भारत सरकार के पीएसयू द्वारा गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट बेसिस एक्सप्लोरेशन का काम चल रहा है। इस दिशा में हम प्राइवेट सेक्टर और स्टार्टअप कंपनी को भी मदद कर रहे हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब ऑक्शन में ईमानदारी और पारदर्शिता बरती जा रही है। इस सेक्टर में सुधार हो रहा है। 2015 से पहले कोल मंत्रालय बदनाम था। सुप्रीम कोर्ट ने करीब 204 कोल ब्लॉक को रद कर दिया था।मोदी ने 2015 से रद कोल ब्लॉक को पारदर्शिता के साथ ओपन ऑक्शन अलॉटमेंट का निर्णय लिया और फिर आज तक इस पर कोई सवाल नहीं उठा। उन्होंने बारिश के कारण कोल उत्पादन कम होने की बात भी कही।कोल कंपनी, स्टील कंपनी और पावर कंपनियों के पास 24 दिन का कोयले का स्टाक रहता है। पहले या 11 से 17 दिन का स्टॉक रखते थे लेकिन पीएम मोदी के आदेश पर 24 दिन का स्टॉक रखा जाता है। उन्होंने एक सवाल पर कहा कि अब नया झरिया मास्टर प्लान लेकर आए हैं। झरिया मास्टर प्लान के तहत राज्य सरकार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर एक सीईओ नियुक्त करना है, जो केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से गठित 60 लोगों की टीम में शामिल होगा। इस टीम में केंद्र ने 50 लोगों की नियुक्ति कर दी है और बाकी 10 लोगों की नियुक्ति राज्य सरकार को करनी है, जिसमें एक सीईओ भी शामिल है, जो योजना को गति देगा।उन्होंने कहा कि हम घर बनाने से लेकर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा का भी विशेष ध्यान रखे हैं। इस मौके पर चेयरमैन पीएम प्रसाद, सीसीएल सीएमडी निर्मलेंदु सिंह, सीएमपीडीआई सीएमडी मनोज कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।


