लातेहार: बुधवार को सदर अस्पताल में समय से एंबुलेंस नहीं मिलने पर आदिवासी परिवार शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद क्षुब्ध हो कंधे पर लेकर पैदल निकल गया। शव लेकर निकल जाने के बाद अस्पताल प्रबंधक द्वारा शव ले जाने के लिए मोक्ष वाहन दिया गया। परंतु आक्रोशित स्वजनों ने शव को कंधे पर लेकर थाना चौक के नगर पंचायत पहुंचे। यहां आक्रोशित लोगों ने नगर पंचायत पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने कहा कि छुट्टी के दिन भी एक मजदूर से मजदूरी करवाया गया है, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने कहा कि दुर्घटना के 20 घंटा बीतने से बाद भी नगर पंचायत के पदाधिकारी और एनजीओ का कोई कर्मी पहुंचकर सांत्वना तक देने नहीं पहुंचा। लोगों ने दो घंटे तक सड़क को जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेंद्र महतो पहुंचे और परिजनों से बात कर जाम हटाने की बात कही। लेकिन स्वजन अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमे रहे। आदिवासी नेता सुकू उरांव ने कहा आदिवासी के शव को ले जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। जब हमलोग अपने हक अधिकार के लिए सड़क जाम कर रहे हैं, तो पुलिस द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।


