रांची : राज्य में जमीन व बालू घोटाला मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने रांची के तुपुदाना ओपी की पूर्व प्रभारी दारोगा मीरा सिंह के विरुद्ध रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।दारोगा मीरा सिंह व उनके करीबी जमीन कारोबारी सह कांग्रेस नेता लाल मोहित नाथ शाहदेव के ठिकानों पर गत वर्ष 21 मार्च 2024 को ईडी ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी में आरोपितों के ठिकानों पर 12.50 लाख रुपये नकदी की बरामदगी हुई थी। ईडी ने अप्रैल 2024 में लगातार कई दिनों तक दारोगा मीरा सिंह को समन कर पूछताछ के लिए बुलाया था और उनका बयान लिया था। रुपयों के स्रोत पर दारोगा मीरा सिंह ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। ईडी ने छापेमारी के दौरान तुपुदाना ओपी का सरकारी मोबाइल सहित कुल आठ मोबाइल जब्त की थी।इनमें से कुछ मोबाइल से वाट्सएप चैट मिले थे, जो अवैध बालू ढुलाई सहित संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित थे। इस छापेमारी के बाद ही रांची के एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया था। उसके बाद से ही दारोगा मीरा सिंह पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रही हैं। इधर, दारोगा मीरा सिंह के विरुद्ध जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही ईडी ने यह चार्जशीट दाखिल की है। ईडी यह चार्जशीट इस वर्ष ईडी के रांची जोन में दर्ज इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) 8/2025 में किया है। इस चार्जशीट पर पीएमएलए की विशेष अदालत ने 17 सितंबर को संज्ञान लेने का निर्णय लिया है।
पुराने केस के आधार पर ईडी ने किया है नया ईसीआइआर
झारखंड एसीबी में 2021 में दर्ज एक केस के आधार पर ही ईडी ने इस वर्ष यह नया ईसीआइआर किया है। झारखंड एसीबी ने दारोगा मीरा सिंह को 25 फरवरी 2021 को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उनपर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा था। तब दारोगा मीरा सिंह खूंटी का महिला थाना प्रभारी थीं। उनपर दुष्कर्म के एक मामले में आरोपित को बचाने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। पीड़ित के आग्रह पर यह मामला 15 हजार रुपये देने पर तय हुआ था। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर झारखंड एसीबी ने दारोगा मीरा सिंह को 25 फरवरी 2021 को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। वह कई महीनों तक जेल में रहीं थीं।


