पाकुड़ जिले के कल्याण विभाग में 12 करोड़ 38 लाख 66 हजार रुपये के बड़े गबन का मामला सामने आया है। कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार इक्का की शिकायत पर नगर थाना में विभाग के कई कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोप है कि एसबीआई बाजार शाखा पाकुड़ के खाता संख्या 11440445629 से फर्जी एडवाइस के जरिए अवैध निकासी की गई। 8 दिसंबर को बैंक प्रबंधक अभिनव कुमार ने एडवाइस पर किए गए हस्ताक्षर को संदिग्ध बताते हुए पदाधिकारी को सूचना दी। एडवाइस लेकर बैंक पहुंचे कर्मचारी अक्षय रविदास पर भी संदेह जताया गया।
जांच के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर सूरज कुमार केवट ने लगभग 15 घंटे बाद कबूल किया कि संदिग्ध एडवाइस को फाड़कर नष्ट कर दिया गया। इसके बाद बैंक से 1 फरवरी 2025 से अब तक का खाता विवरण मंगाकर जांच की गई, जिसमें कई एडवाइस में पत्र संख्या, तिथि और निर्गत पंजी का मिलान नहीं पाया गया। इससे 12.38 करोड़ रुपये के गबन की पुष्टि हुई।
एफआईआर में पूर्व कल्याण पदाधिकारी लक्ष्मण हरिजन के कार्यकाल में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है। बैंक के 74 एडवाइस में से 7 संदिग्ध पाए गए हैं। साथ ही, 4 दिसंबर को स्थानांतरित किए गए अक्षय रविदास का 8 दिसंबर को बैंक पहुंचना भी जांच के घेरे में है।
कल्याण पदाधिकारी ने कहा है कि इस घोटाले में कर्मचारियों के साथ-साथ अधिकारियों की मिलीभगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जांच जारी है।


