रांची। राजधानी को जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से सुकुरहुटू में 113.24 करोड़ रुपये की लागत से बने ट्रांसपोर्ट नगर का उद्घाटन हुए एक साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी यहां कारोबार के नाम पर सन्नाटा पसरा है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसायी यहां शिफ्ट होने से कतरा रहे हैं।व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर में न पर्याप्त ऑफिस हैं, न गोदाम और न ही मजदूरों के रहने की व्यवस्था। सिर्फ पार्किंग के भरोसे कारोबार संभव नहीं है।
शहर से 15–20 किलोमीटर दूर स्थित होने और सुरक्षा व पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी ने भी परेशानी बढ़ा दी है। मांग की जा रही है कि ट्रांसपोर्ट नगर को पंडरा मंडी की तर्ज पर विकसित किया जाए, नहीं तो 113 करोड़ का यह प्रोजेक्ट सिर्फ शो-पीस बनकर रह जाएगा।


