जमशेदपुर। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत सूचीबद्ध 19 प्रतिष्ठित अस्पतालों में इलाज बंद हो गया है। वजह है—स्वास्थ्य निदेशालय, रांची द्वारा समय पर MoU का नवीनीकरण नहीं होना।
जानकारी के अनुसार, 24 मई 2024 को ही अस्पतालों और सिविल सर्जनों को 15 दिनों के भीतर नवीनीकरण का निर्देश दिया गया था, लेकिन महीनों बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। 17 मार्च को जारी पत्र में स्थिति स्पष्ट होने के बाद मामला सामने आया।
इसका असर अब साफ दिख रहा है—Tata Main Hospital, Medanta Medicity, Paras HMRI Hospital समेत कई बड़े अस्पतालों ने योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।इस योजना के तहत गरीब मरीजों को कैंसर, किडनी और हृदय रोगों के इलाज के लिए 10 लाख रुपये तक की सहायता मिलती थी। सेवा बंद होने से हजारों मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, खासकर वे जिनका इलाज पहले से चल रहा था।
विभाग ने चेतावनी दी है कि जल्द नवीनीकरण नहीं होने पर अस्पतालों को स्थायी रूप से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही, देरी के लिए संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों पर कार्रवाई की भी बात कही गई है।
