जनता दरबार में शिकायत के बाद 48 घंटे में जवाब तलब, सीओ समेत तीन कर्मियों को शोकॉज नोटिस
रांची/डेस्क:
रांची जिले के नगड़ी अंचल में अंचल अधिकारी (सीओ) पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। उपायुक्त के जनता दरबार में म्यूटेशन के एक मामले में आवेदक से पहले 30 लाख रुपये और बाद में घटाकर 9 लाख रुपये तक घूस मांगने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीओ, संबंधित अंचल निरीक्षक (सीआई) और कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया है और 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
म्यूटेशन केस में बार-बार घूस की मांग का आरोप
शिकायतकर्ता आनंद सिंह और महेश्वर सिंह ने जनता दरबार में बताया कि बालालौंग मौजा स्थित 1 एकड़ 5 डिसमिल जमीन (केस नंबर 7696/24-25) के म्यूटेशन को सीओ द्वारा पहले खारिज कर दिया गया। आरोप है कि इसके बदले 30 लाख रुपये की मांग की गई।
इसके बाद आवेदकों ने एलआरडीसी कोर्ट में अपील की, जहां उनके पक्ष में फैसला आया। बावजूद इसके, सीओ द्वारा करीब 15 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है। मामला एडिशनल कलेक्टर तक पहुंचा, जहां से भी म्यूटेशन के पक्ष में आदेश दिया गया, लेकिन यहां भी 9 लाख रुपये की मांग का आरोप लगाया गया।
डीसी ने लगाई फटकार
मामले की सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
