कतरास: सैकड़ों वर्ष पुराने कतरास हटिया में एक बार फिर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम धनबाद और बाघमारा अंचल की कथित सुस्ती के कारण अतिक्रमणकारियों का मनोबल लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि वार्ड संख्या 01 अंतर्गत काली मंदिर और शिव मंदिर के बीच स्थित सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। अतिक्रमण की प्रक्रिया के तहत बांस-बल्लियों से घेराबंदी भी कर दी गई है, जो आमतौर पर जमीन कब्जाने की शुरुआती रणनीति मानी जाती है। इसके बाद तिरपाल डालकर धीरे-धीरे पक्के निर्माण की तैयारी की जाती है।
नाली पर कब्जे की तैयारी, बढ़ सकती है परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, उसके नीचे नाली का पाइप बिछा हुआ है। ऐसे में यदि निर्माण होता है तो जल निकासी की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। बावजूद इसके, लोग खुलकर विरोध करने से बच रहे हैं।
कब्जा कराने का आरोप, मोटी रकम लेने की चर्चा
मिली जानकारी के अनुसार, कतरास के एक व्यक्ति एस. पांडेय पर आरोप है कि वह अतिक्रमणकारियों से मोटी रकम लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा करवाता है। यह भी चर्चा है कि इस राशि का एक हिस्सा स्थानीय प्रभावशाली लोगों और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों तक भी पहुंचता है, जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक माह पहले हुआ था निरीक्षण, कार्रवाई ठंडे बस्ते में
गौरतलब है कि लगभग एक माह पूर्व नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त समेत नगर निगम के अधिकारियों ने कतरास हटिया का निरीक्षण किया था। उस दौरान अवैध कब्जा हटाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इलाके में बढ़ी चिंता, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
लगातार बढ़ते अतिक्रमण से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कतरास हटिया की बची हुई सरकारी जमीन भी कब्जे में चली जाएगी।


