महागामा के खट्टी गांव में पोखर गार्डवॉल का शिलान्यास, पानी-सिंचाई, सड़क और रोजगार पर बड़ा फोकस
महागामा/संवाददाता:
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में विकास की नई उम्मीद जगती दिख रही है। गांवों की वर्षों पुरानी समस्याओं—टूटते तालाब, सूखते खेत और रोजगार की कमी—के बीच पंचायतों को अब ₹50 लाख से अधिक की वित्तीय ताकत मिलने से बदलाव की बयार तेज होने लगी है। इसी कड़ी में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री Deepika Pandey Singh ने महागामा प्रखंड के सिमानपुर पंचायत अंतर्गत खट्टी गांव में पोखर गार्डवॉल निर्माण का शिलान्यास किया।
दुर्गा स्थान के समीप स्थित इस पोखर के किनारे आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी मौजूदगी रही। शिलान्यास के साथ ही गांव के लोगों में यह भरोसा जगा कि अब वर्षों से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
पंचायतों को मजबूत बजट, विकास को रफ्तार
मंत्री ने कहा कि पंचायतों का सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में लगातार प्रयासों के बाद केंद्र से पंचायतों के लिए ₹52 लाख से ₹65 लाख तक की राशि स्वीकृत कराई गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया,
“पहले पंचायतों को ₹5-10 लाख में ही काम करना पड़ता था। इतने कम बजट में न सड़क बनती थी, न नाली और न ही जल संरक्षण संभव था। अब ₹50 लाख से ज्यादा मिलने पर विकास कार्य तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं।”
खट्टी गांव का पोखर: जीवन का आधार
खट्टी गांव का यह पोखर केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीवनरेखा है। गर्मी में यही तालाब नमी बनाए रखता है, पशुओं को पानी देता है और खेती में सहायक होता है।
ग्रामीणों के अनुसार, लगातार कटाव के कारण पोखर के किनारे कमजोर हो गए थे और बारिश में टूटने का खतरा बढ़ गया था। गार्डवॉल निर्माण से अब
- कटाव रुकेगा
- जलभराव नियंत्रित होगा
- स्वच्छता में सुधार आएगा
पानी की समस्या: हर दिन की चुनौती
ग्रामीण जीवन में पानी की कमी केवल सुविधा का अभाव नहीं, बल्कि रोज की संघर्षपूर्ण स्थिति है। महिलाएं दूर-दराज से पानी लाती हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और किसान बारिश पर निर्भर रहते हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि
- पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा
- सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा
- नए जल स्रोतों का विकास किया जाएगा
उन्होंने बताया कि लकड़मारा दह की खुदाई पूरी हो चुकी है और अन्य परियोजनाओं के लिए अनुशंसा भेजी गई है।
नालों का जीर्णोद्धार, खेती को नई ताकत
मंत्री ने कहा कि पुराने नालों को पुनर्जीवित कर जल प्रवाह बहाल किया जाएगा। लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया जाए, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़े और गांव की आय में इजाफा हो।
मनरेगा पर चिंता, मजदूरों के हक की बात
कार्यक्रम में मंत्री ने MGNREGA (मनरेगा) को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब मजदूरों की जीवनरेखा है, लेकिन इसे कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने कहा,
“मजदूरों को डराने और काम मांगने से हतोत्साहित करने की कोशिश हो रही है, लेकिन राज्य सरकार उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”
मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र से बकाया राशि दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि मजदूरों को समय पर भुगतान मिल सके।
सड़कें बनेंगी तो बदलेगा गांव का भविष्य
मंत्री ने सड़क अवसंरचना पर भी जोर देते हुए कहा कि जर्जर ग्रामीण सड़कों का निर्माण और मरम्मत जल्द पूरी की जाएगी। बेहतर सड़कें बनने से
- गांव बाजार और शहर से जुड़ेगा
- किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
“काम रुकेगा नहीं”— मंत्री का भरोसा
कार्यक्रम के अंत में मंत्री Deepika Pandey Singh ने स्पष्ट कहा कि पंचायत स्तर पर समग्र विकास सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी और विकास कार्यों में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
