स्ट्रेट ऑफ हरमुज खोलने के लिए डेडलाइन तय, ‘पावर प्लांट और ब्रिज डे’ की दी धमकी
वॉशिंगटन/तेहरान। वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए स्ट्रेट ऑफ हरमुज को खोलने के लिए अंतिम समय सीमा तय कर दी है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर आक्रामक बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
‘या रास्ता खोलो, या तबाही झेलो’
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संदेश में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए साफ कहा कि यदि तय समय सीमा तक समुद्री मार्ग नहीं खोला गया, तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को “नरक जैसी स्थिति” का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है ‘पावर प्लांट और ब्रिज डे’ योजना?
ट्रंप ने अपने बयान में ‘पावर प्लांट और ब्रिज डे’ का जिक्र करते हुए कहा कि यदि ईरान ने डील नहीं की, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों समेत महत्वपूर्ण सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा।
इस योजना के तहत ईरान की बिजली व्यवस्था और परिवहन नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई है, जिससे देश की बुनियादी संरचना पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बातचीत की गुंजाइश अभी बाकी
हालांकि सख्त रुख के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की संभावना भी जताई है। उन्होंने संकेत दिया कि सोमवार को समझौता हो सकता है और यदि ईरान झुकता है, तो सैन्य कार्रवाई टाली जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बीच इजरायल भी ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर हमले के लिए तैयार है और अमेरिकी संकेत का इंतजार कर रहा है।
ईरानी जनता पर भी दिया बयान
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के नागरिक अपनी सरकार से भयभीत हैं और अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष को बीच में नहीं छोड़ेगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ सकता है।
