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टेरर फंडिंग व नक्सली नेटवर्क पर एनआईए का शिकंजा, सात कुख्यात माओवादियों का मांगा ब्योरा

सारंडा के दुर्गम इलाकों में सक्रिय गिरोह पर नजर, बड़ी कार्रवाई की तैयारी

रांची। झारखंड में टेरर फंडिंग और नक्सली हिंसा की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अब माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में सक्रिय उग्रवादियों के खिलाफ व्यापक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में एनआईए ने झारखंड पुलिस विशेष शाखा से सात कुख्यात माओवादियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है।

मिसिर बेसरा दस्ते पर कड़ी नजर

जांच एजेंसी के रडार पर आए सभी माओवादी एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के दस्ते से जुड़े बताए जा रहे हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, ये नक्सली पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जैसे दुर्गम जंगलों में छिपे हुए हैं और किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं।

महिला माओवादियों की संख्या अधिक

एनआईए द्वारा मांगी गई सूची की सबसे खास बात यह है कि इसमें महिला माओवादियों की संख्या पुरुषों से अधिक है। सूची में शीर्ष कमांडर अनमोल के अलावा महिला माओवादी—रीता उर्फ मानस, रजनी, सुनीता और विनीता—के नाम शामिल हैं।

वहीं अन्य सदस्यों में सोहन पुनेम और संदीप उर्फ हिड़मा (दोनों छत्तीसगढ़ के बीजापुर निवासी) का नाम भी सामने आया है।

नेटवर्क और फंडिंग पर प्रहार की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, ये सभी माओवादी सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहकर नक्सली गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी अब इनके ठिकानों, नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति पर काम कर रही है।

एजेंसी की इस कार्रवाई को झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़े अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।

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swatantraawaj desk

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